सर्वे रिपोर्ट : मुश्किल हालात : फिर भी मोदी सरकार

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टाइम्स नाऊ और वीएमआर के सर्वे

बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए 2014 लोकसभा चुनाव का करिश्मा नहीं दोहरा पाएगा, लेकिन देश में एक बार फिर मोदी सरकार बन सकती है। यह आंकड़ा टाइम्स नाऊ और वीएमआर के सर्वे में सामने आया है, जिसके तहत एनडीए को 543 में से 283 लोकसभा सीटें मिलने का दावा किया गया है।

वहीं, यूपीए को सिर्फ 135 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। इस सर्वे के मुताबिक, एनडीए को यूपी में मुश्किल हालात का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, दक्षिण भारत में भी खास सफलता नहीं मिलेगी। हालांकि, पश्चिम बंगाल में बढ़त मिलने और नॉर्थ ईस्ट के असम व हिंदी पट्टी वाले राज्यों में कमल का दबदबा कायम रहने की उम्मीद है।

सर्वे के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बीजेपी 2014 जैसा करिश्मा दिखाने में नाकाम साबित हो सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह सपा-बसपा के महागठबंधन को बताया जा रहा है। 2014 के दौरान यूपी में बीजेपी का वोट शेयर 43.3 प्रतिशत था। उस वक्त बीजेपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 73 सीटों पर जीत हासिल की थी। सर्वे के मुताबिक, 2019 के चुनाव में एनडीए को इस राज्य में सिर्फ 42 सीटें ही मिल सकती हैं।

महागठबंधन को 36 और कांग्रेस को 2 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। टाइम्स नाऊ और वीएमआर के सर्वे के मुताबिक, 2019 के लोकसभा चुनाव में भी दिल्ली पर बीजेपी का एकछत्र राज रह सकता है।

पार्टी सातों सीटों पर एक बार फिर क्लीन स्वीप मार सकती है। सर्वे के मुताबिक, हिंदी पट्टी वाले राज्य बीजेपी को सत्ता वापस दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इनमें मध्य प्रदेश और राजस्थान में बीजेपी की अच्छी वापसी बताई जा रही है, जबकि दोनों ही राज्यों के विधानसभा चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। मध्य प्रदेश की 29 में से 22 सीटों पर बीजेपी जीत हासिल कर सकती है।

राजस्थान में भी 25 में से 20 सीटें बीजेपी की झोली में जाने का अनुमान जताया जा रहा है। सर्वे की मानें तो पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जड़ें मजबूत हो सकती हैं। माना जा रहा है कि पार्टी के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है, जिसके चलते बीजेपी को 32 प्रतिशत वोट शेयर और 11 सीटों पर जीत मिल सकती है।

अनुमान है कि लेफ्ट और कांग्रेस को राज्य में खाली हाथ रहना पड़ सकता है। 2014 में बीजेपी को पश्चिम बंगाल में 16.8 फीसदी वोट शेयर हासिल हुआ था। उस वक्त पार्टी सिर्फ 2 सीटों पर जीत हासिल कर पाई थी। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार में एकतरफा मोदी लहर चली थी। राज्य की 40 लोकसभा सीटों में से पार्टी ने 30 पर जीत हासिल की थी। वहीं, वोट पर्सेंटेज 51.5 तक पहुंच गया था।

ताजा सर्वे में एनडीए को 27 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। यूपीए को इन चुनावों में 42.40 प्रतिशत वोट शेयर और 13 सीटें मिल सकती हैं। दक्षिण भारत में बीजेपी को झटका लग सकता है। सर्वे के मुताबिक, यहां बीजेपी का वोट शेयर बढऩे का अनुमान है, लेकिन सीटों का ज्यादा फायदा मिलने में मुश्किल दिख रही है। 2014 में बीजेपी ने तेलंगाना में 10.4त्न वोट और 1 सीट हासिल की थी।

2019 के चुनाव में पार्टी को 17.6त्न वोट और 2 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। प्रदेश में टीआरएस को प्रदेश की 17 लोकसभा सीटों में से 12 पर जीत मिलने का अनुमान जताया गया है। सर्वे के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस को फायदा होने की उम्मीद है।

पिछले लोकसभा चुनावों में पार्टी ने 8 सीटें जीती थीं। इस बार यह आंकड़ा 22 सीटों तक पहुंच सकता है। सीएम चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी को एनडीए से अलग होने और एंटी इनकमबेसी का नुकसान हो सकता है। नायडू की पार्टी ने पिछले चुनावों में 15 सीटों की जीत दर्ज की थी। सर्वे में उन्हें 3 सीटों पर सिमटता हुआ दिखाया गया है।

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