डीआरएम संजय श्रीवास्तव ने कहा- प्रशिक्षण ज्ञान की धार को तेज करने वाला औजार

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देशी घोड़ो के आनुवांशिक उन्नयन के लिए नेशनल नेटवर्क पर फोकस

Bikaner / khabarthenews.com

राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र के बीकानेर परिसर पर स्वदेशी घोड़ों के अनुवंशिक उन्नयन के लिए राष्ट्र स्तरीय नेटवर्क स्थापित करने की दिशा में आज द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ।

मुख्य अतिथि मंडल रेल प्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारी नौकरियों में बहुत ही उच्च क्षमता वाले लोगों का चयन होता है, लेकिन समय-समय पर अपने ज्ञान की धार को प्रशिक्षण के माध्यम से तीखा नहीं करते हैं तो वह समय से पिछड़ जाते हैं।

इस अवसर पर केन्द्र के प्रभारी अधिकारी एवं प्रशिक्षण निदेशक डॉ. एससी मेहता ने कहा कि पूरे देश में बीकानेर का यह केन्द्र ही घोड़ों के वीर्य का अवशीतन करता है एवं पूरे देश को यहां से उत्कृष्ट संरक्षित वीर्य सप्लाई करने में सक्षम है। विशिष्ट अतिथि काजरी अध्यक्ष डॉ. एनडी यादव ने कहा कि प्रशिक्षण तभी सफल होता है जब सीखे हुए ज्ञान का प्रयोग करते हैं।

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. टी राव तालुरी ने बताया कि कार्यक्रम के पहले प्रशिक्षण में 18 से 20 जुलाई के मध्य केरल, राजस्थान, उत्तराखण्ड, पंजाब, मध्यप्रदेश आदि के पशुचिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया था एवं वर्तमान कार्यक्रम 9 अगस्त तक जारी रहेगा। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ डॉ. टीके गहलोत एवं डॉ. सुमन्त व्यास थे। वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी कमल सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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