सरकारी कर्मचारी ही डोरे डाल कर शिकार फंसाती… एसीबी ने खोले कई राज

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Bikaner / khabarthenews.com

जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत में अस्मत मांगने के आरोपी सचिवालय के अफसर को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को एसीबी ने शनिवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है।

गिरफ्तार अफसर ने रिश्वत में अस्मत के लिए महिला कर्मचारी को ही दलाल बना रखा था। एसीबी का कहना है कि दलाल का काम करने वाली महिला कर्मचारी को भी संदेह के दायरे में लेकर जांच की जा रही है। रिश्वत में अस्मत के मामले में सचिवालय में गृह ग्रुप- द्वितीय के सेक्शन अधिकारी राकेश कुमार मीणा को लंबी पूछताछ के बाद एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी के सूरजपुरा घाटी के सिद्धार्थ नगर में ए-ब्लाक स्थित घर में एसीबी के डीप्टी सचिन कुमार की टीम ने करीब 8 घंटे तक तलाशी ली। घर में 21 सैल्फ और ब्लेंक चेक के अलावा 17 भूखंडों के दस्तावेज तथा गृह विभाग के ग्रुप डी सहित अन्य कई गोपनीय फाइले भी मिली हैं। करीब सात लाख सैल्फ चैक को एसीबी ने छात्रों को प्रतियोगिता परीक्षाओं पास करवाने और दाखिला करवाने के मामले में ली गई रिश्वत मानी है। एसीबी का मानना है कि आरोपी रिश्वत लेने के मामले में ही गोपनीय फाइलों को भी घर में ले आया था।

इन फाइलों के मामले में भी राकेश से पूछताछ की जा रही है। एसीबी की जांच में सामने आया है कि राकेश को रिश्वत के बदले अस्मत देने के लिए एक सरकारी महिला कर्मचारी ही शिकार पर डोरे डालती थी। इस मामले में एसीबी ने राकेश और उसके मिलने वालों के सर्विलांस पर लिए गए फोन की रिकार्डिंग के आधार पर सबूत जुटाएं है। एसीबी का कहना है कि दलाल महिला कर्मचारी के भूमिका की जांच की जा रही है।

जांच में यह भी सामने आया कि एसीब के अजमेर रेंज मुख्यालय में तैनात एक इंस्पेक्टर भी 17 सीसी के तहत मिले नोटिस के मामले में सचिवालय में राकेश मीणा से मिला। एसीबी में दर्ज एफआईआर के मुताबिक राकेश ने उस इंस्पेक्टर को भी बिना रिश्वत के कोई काम करने से साफ इनकार कर दिया था। पीडि़त की शिकायत पर एसीबी इस मामले की भी जांच कर रही है।

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