बीकानेर : रैकिंग में छलांग, धरातल पर ‘कचरा’

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सडक़ों पर लगे गंदगी के ढेर, वार्डों में सफाई नहीं

बीकानेर। स्वच्छता की मुहीम में भले ही बीकानेर ने छलांग लगाते हुए 289वीं रैंक हासिल कर ली हो लेकिन धरातल पर कचरा ही बिखरा नजर आ रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंक हासिल करने के लिए नगर निगम ने अपना पूरा अमला फील्ड में लगा दिया था लेकिन अब उनकी मेहनत सिर्फ ‘कचरा’ होकर रह गई है।

शहर की सफाई व्यवस्था की हकीकत तो यह है कि कई सडक़ों के किनारे गंदगी के ढेर लगे हुए हैं और वार्डों में सफाई हो ही नहीं रही है।

जानकारी के मुताबिक शहर के कई वार्डों में सफाई बिल्कुल भी नहीं हो रही है। कई वार्डों में दो-चार सफाई कर्मचारी पूरे वार्ड को स्वच्छ बनाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। वहीं कई वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण भी नहीं किया जा रहा है।

शहर में चौखूंटी, रानीसर बास, अमरसिंह पुरा, रामपुरा बस्ती, इन्द्रा कॉलोनी, भूट्टों का बास, सर्वोदय बस्ती, भगवानपुरा, जूनागढ़ के पीछे, पुराने बस स्टेण्ड के पास, रोशनी घर चौराहे के पास, कूचीलपुरा, कमला कॉलोनी, भीनासर, अम्बेडकर कॉलोनी, पवनपुरी क्षेत्र, रानीबाजार क्षेत्र सहित बहुत से ऐसे इलाके हैं जहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है।

 वार्डों में तीन चक्कर नहीं लगा रहे हैं ट्रेक्टर

बताया जा रहा है कि कचरा उठाने के लिए जाने वाले टे्रक्टर नियमित रूप से वार्डों में नहीं जा रहे हैं। नियमों के मुताबिक एक वार्ड में एक ट्रेक्टर को दिन में तीन बार जाकर वहां से कचरा उठाना होता है लेकिन वर्तमान में टे्रक्टर महीने भर में एक वार्ड में जाकर कचरा उठा रहा है। शहर के कई वार्डों में तो एक ही ट्रेक्टर जाकर कचरा उठा रहा है। छोटी और तंग गलियों में तो ट्रेक्टर जा ही नहीं पाते हैं, वार्ड में सिर्फ मुख्य सडक़ों पर बने कचरा सेंटर पर जाकर कचरा उठाया जा रहा है।

जानकारों के मुताबिक कचरा कंटेनर को बदलने वाली गाड़ी को भी दिन में तीन बार जाकर कंटेनर बदलना होता है लेकिन ये कंटेनर गाड़ियां भी अपनी जगह से कम हिलती है।

बताया जा रहा है कि तेल बचाने की वजह से कंटेनर बदलने वाली गाड़ियों को भी बाहर नहीं निकाला जाता है। शहर के प्रमुख कचरा सेंटर पर तो ये गाड़ियां नियमित रूप से जाकर अपना काम कर रही हैं लेकिन ज्यादातर कचरा सेंटर पर कंटेनर कचरे से अटे पड़े हैं और गंदगी बाहर बिखरी पड़ी नजर आ रही है।

कुछ कर्मचारियों ने नियुक्त कर रखे हैं अपने कर्मचारी

जानकारी के मुताबिक नगर निगम में एक समस्या काफी समय से सबके सामने आ रही है। निगम के स्थाई सफाई कर्मचारियों ने अपनी जगह काम करने के लिए अपने मनमुताबिक मासिक वेतन पर अस्थाई कर्मचारी नियुक्त कर रखे हैं, जो काम कम और ड्यूटी का समय व्यर्थ व्यतीत करने में भरोसा करते हैं।

इसे उदाहरण के तौर पर आसानी से समझा जा सकता है। जैसे निगम के किसी स्थाई सफाईकर्मी को 20 हजार मासिक वेतन मिलता है। उसने अपनी जगह पर अस्थाई कर्मचारी बिना किसी रिकॉर्ड के 7 हजार रुपए मासिक वेतन पर रख लिया और उससे अपने स्थान पर काम करने के लिए भेज दिया।

बताया जा रहा है कि इस प्रकार से काफी संख्या में अस्थाई कर्मचारी विभिन्न इलाकों में काम करने के लिए भेज दिए जाते हैं, जो अपने काम को अपने ही हिसाब से करते हैं। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था चौपट हुई नजर आ रही है।

 

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