हुसंगसर और सागर में हैं पर्यटन की संभावनाएं

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रसगुल्लों की मिठास, भुजिया के तीखेपन के साथ-साथ विश्व प्रसिद्ध करणी मंदिर और दूर-दूर तक फैले रेतीले धोरों के लिए पर्यटन के नक्शे पर बीकानेर शहर खास तौर पर जाना जाता है। तंग गलियों में बेहद खूबसूरत हवेलियां और जूनागढ़ जहां खास महत्व रखता है।

वहीं इन पारंपरिक पर्यटन स्थलों के अलावा भी बीकानेर में स्थानीय और बाहरी पर्यटकों के लिए संभावनाएं हैं। कुछ ऐसे स्थल हैं जिन्हें ढंग से विकसित किया जाए तो हो सकता है देशी-विदेशी सैलानियों के लिए वे मनमोहक साबित हों। इनमें से एक है हुसंगसर का कैनाल लिफ्ट। यहां रेतीले धोरों के बीच थोड़ी हरियाली मानो ओएसिस का एहसास कराती लगती है। यहां लोग छोटे-छोटे समूह में पिकनिक के लिए जाते रहे हैं। वहां एक विभागीय गेस्ट हाउस है लेकिन वह आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है। यदि वहां कैंटीन सहित कुछ सुविधाएं विकसित कर दी जाए तो निश्चित तौर पर वह स्थान पर्यटकों के लिए मनभावन साबित हो सकता है।

इसी तरह रिडमलसर के सागर इलाके में स्थित राजपरिवारों की छतरियां बेहद आकर्षक है लेकिन आसपास का इलाका उपेक्षा का शिकार है। यहीं पास के आगोर के अभाव में खाली रहने लगे सरोवर में पानी लाया जा सकता है तो एक ‘सनसेट पॉइंट’ भी विकसित किया जा सकता है। थोड़े से बजट से सागर के इस इलाके में स्थानीय पर्यटन से चार चांद लगा सकते हैं।

-विनोद भोजक

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