अंदर की बात : खाजूवाला में राष्ट्रीय नेता का तय रूट बदला

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खाजूवाला की सियासत पिछले कई दिनों से गर्मायी हुई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश कांग्रेस के सहप्रभारी काजी निजामुद्दीन के बीते शनिवार के खाजूवाला दौरे ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी।

इसकी बड़ी वजह काजी को गुमराह कर उनके तय रूट को चेंज करना रहा। काजी निजामुद्दीन काफिले के साथ लूनकरणसर विधानसभा क्षेत्र से जब खाजूवाला क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे तो पहले ही गांव राजसर में गोविन्द मेघवाल के समर्थकों ने जोर–शोर से स्वागत किया, कुछ और आगे गांव नापासरीया में भी गोविंद समर्थकों वैसा ही स्वागत किया।

सत्तासर बस स्टेंड पर गोविंद समर्थकों ने काजी निजामुद्दीन के स्वागत में अशोक गहलोत और गोविन्द मेघवाल के भी नारे लगाए।

कहा जा रहा है सत्तासर के माहौल से देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेन्द्र गहलोत उखड़ गये, महेंद्र गहलोत डूडी गुट के माने जाते हैं। सभी जानते हैं कांग्रेस की क्षेत्रीय राजनीति में डूडी-गोविंद में छत्तीस का आंकड़ा है।

सुनते हैं गहलोत को अंदेशा हो गया कि जिस तरह से हर गांव में गोविन्द समर्थकों द्वारा स्वागत किया जा रहा है, आगे के गांवों में भी ऐसा ही होगा। ये उन्हें झल नहीं रहा था।

महेंद्र गहलोत ने तय रूट को बदल दिया। काजी का काफिला सत्तासर से सीधे खाजूवाला जाना तय था। उसे जिलाध्यक्ष की टीम ने 100 किमी ज्यादा लम्बे सत्तासर से वाया 682 आरडी, पूगर, दन्तौर होते हुए खाजूवाला पहुंचाया।

कहते हैं काजी निजामुद्दीन को जब पता लगा कि जिलाध्यक्ष द्वारा अपने विरोधी खेमे के कार्यक्रम काटे गए तो काजी ने एक्सन लेते हुए इसकी जानकारी ऊपर तक पहुंचा दी।

–एड. मुनसफ बलौच

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